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तकरीबात (गतिविधी)

तकरीबात (गतिविधी) हज़रत दीवाना शाहसाहब र.अ. वार्षिक गतिविधी

अलम शरीफ :- बयादगार यौमे पैदाईश हजरत दीवाना शाह सा.र.अ.
25 मोहरर्म बाद नमाजे़ असर आस्तानाए आलिया और बुलन्द दरवाजे पर अलम (झण्ड़ा) पेश किया जाता है। इसी के साथउर्स की शुरूआत हो जाती है। तारीखे उर्स :- 6 सफर से 8 सफर तक।

ईद मिलादुन्नबी :- औलिया मस्जिद में जश्ने आमदेरसूल मनाया जाता है।

देग-तकसीम :-
(1) 12 रबि उल अव्वल सुबह 9 बजे।
(2) आठ सफर बाद नमाजे़ फजर

नमाजे़ ईदैन ः- ईदुलफितर, ईदुलअजहाऔलिया मस्जिद में अदा की जाती है।

मासिक गतिविधी

मेहफिले मिलाद :- ईस्लामी हर माह की 6, 8, 11 तारीख को महफिले मिलाद का ऐहतमाम।

चाँदरात :-ईस्लामीहरमाह की 29, 30 (एकम, बीज) परजायरीन की आमद।

आस्ताना ऐ आलिया :- सुबहफजर की नमाज से लेकर देर रात तक जियारत के लिए खुला रहता है। जायरीन के लिए छाया-पानी,कयामकामाकूल इंतजाम रहता है। मौजूदादौर (वर्तमान) में मेला ग्राउण्ड में 400 सेजाईद दुकानें लगती हैं व 30 से 40 हजारजायरीन की आमद होती हैं। इसे चाँद रात के मेले के रूप में जाना जाता है।

दैनिक गतिविधी

नमाज :- औलिया मस्जिद में पाँचो वक्त नमाज़ अदा की जाती हैं।
आयशा मस्जिद सिर्फ मस्तुरात (औरतो) के लिए। आस्ताना खुलनेका:- फज़र की अज़ान से सुबह 11 बजेतक व जोहर की अज़ानके वक्त (2 बजे ) से रातईशा की नमाज के आधे घण्टे बाद तक खुला रहता है।

खिदमत का वक्त :-दोपहर 3:30 से 4 बजे तक। आस्ताना मामूर (बन्द) रहता है।

लोबान का वक्त :-फज़र की अज़ान के वक्त, बादनमाजें़ असर व मगरिब से पहले।अर्जिया पेश कर फातेहाख्वानी के साथलोबान व चिराग।

कव्वाली :-आस्ताना ऐ आलिया के सामनेआहाताऐंनूरमेंकव्वालीपेश करनेका सिलसिला जारी रहता है।

महफिलेमिलाद :-औलियामस्जिद में महफिले मिलाद का सिलसिला जारी रहता है।